What is impotence & causes, symptoms, treatment क्या है नामर्दी(नपुंसकता) और इसका उपचार?

स्तंभन दोष जिसे सामान्य भाषा में इरेक्टाइल डिसफंक्शन, मर्दाना कमजोरी , नामर्दी और नपुंसकता के नाम से जाना जाता है। आज की भाग-दौड़ भरी, फास्ट और बदलते परिवेश में नामर्दी अथवा नपुंसकता किसी से छुपा नहीं है।

इस लेख में हम पाठकों को बतायेंगे :

  • नामर्दी व नपुंसकता किसे कहते हैं?
  • नामर्दी व नपुंसकता की मुख्य वहज क्या है?
  • नामर्दी व नपुंसकता ही पहचान कैसे हो?
  • नामर्दी व नपुंसकता का घरेलू और आयुर्वेद इलाज

नामर्दी व नपुंसकता किसे कहते हैं?
मर्दाना कमजोरी, नामर्दी और नपुंसकता पुरुषों में पाया जाने वाला एक यौन-दोष(Men’s Sexual Problem) हैं, जिससे प्रभावित पुरुषों में कुछ खास समस्या देखनो को मिलतीं हैं जैसे-लिंग में तनाव का ना आना, उत्तेजित होने पर जल्द ही शिथिल यानी ठंडा पड़ जाना, अतिशीघ्र स्खलन का हो जाना या फिर सेक्स की इच्छा का ना होना या फिर बहुत कम होना, संसर्ग के पहले या बाद में मन में बेचैनी और घबराहट का होना।
जिन पुरुषों में संभोग करने की इच्छा के लिए उत्तेजना नहीं होती है, वो पूरी तरह नपुंसक होते हैं। लेकिन जो पुरुष उत्तेजना के बाद किसी घबराहट या किसी अन्य वजह से जल्दी स्खलित हो जाते हैं, उन्हें आंशिक नपुंसक कहते हैं।

नामर्दी व नपुंसकता की वहज क्या है?
मर्दाना कमजोरी, नामर्दी अथवा नपुंसकता के दो मुख्य कारण होते हैं: शारीरिक और मानसिक। शारीरिक नपुंसकता ज्यादातर जननांग में ब्लड सप्लाई की कमी की वजह से, नर्वस की गड़बड़ी से या हॉर्मोनल असंतुलन की वजह से आ सकती है। वहीं मानसिक नपुंसकता दिमाग से जुड़ी रहती है, जिसमें भय, चिंता और हीन-भावना अहम वजह होती हैं।
इसके अतिरिक्त मर्दाना कमजोरी, नामर्दी व नपुंसकता के कई और कारण भी हो सकते हैं, जोकि इस प्रकार हैं-
1. हाई ब्लड प्रेशर, पाचन तंत्र संबंधी समस्या, हार्मोंनल बदलाव, डायबिटीज़ और हृदय रोग जैसी बीमारिया नामर्दी व नपुंसकता के कारण हो सकते हैं।
2. ज्यादा बार हस्तमैथुन करना और स्वप्नदोष का इलाज न करने से भी शुक्राणुओं की संख्या घट सकती है और प्उचवजमदबल का शिकार हो सकते हैं।
3. जननांग पर लैपटॉप रखकर इस्तेमाल करने से, पैंट के पॉकेट में मोबाइल फोन रखने से नामर्दी का शिकार हो सकते हैं।
4. स्टेरॉयड लेने वाले व्यक्ति भी नामर्दी का शिकार हो सकते हैं, क्योंकि लगातार इसके प्रयोग से वीर्य और शुक्राणु बनना बंद हो सकते हैं। अक्सर वर्कआउट करने वाले और खिलाड़ी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड लेते हैं, जोकि सेहत के लिए अच्छी बात नहीं है।
5. दुर्घटना में किसी अंदरूनी नस के चोटिल होने अथवा मेरुदंड में चोट लगने से भी नामर्दी की समस्या हो सकती है।
6. धूम्रपान, शराब के सेवन से भी नामर्दी का शिकार हो सकते हैं।

नामर्दी व नपुंसकता की पहचान व लक्षण :
1. नपुंसकता होने पर पुरुष के लिंग में तनाव या कसाव आता ही नहीं और अगर आ भी जाये, तो बहुत ही जल्दी शांत हो जाता है।
2. संभोग के समय जल्दी स्खलित हो जाना नामर्दी व नपुंसकता के लक्षण हैं।
3. जो पुरुष महिलाओं के पास जाने से भी घबराने लगते हैं या जो पुरुष सेक्स क्रिया करने में रूचि नहीं रखते और जिनमें उत्तेजना नहीं होती वे पूर्ण नपुंसक होते हैं। जबकि जो पुरुष उत्तेजित तो होते हैं, लेकिन घबराहट या किसी अन्य वजह से जल्दी शांत हो जाते हैं, उन्हें आंशिक नपुंसक कहा जाता है।
4. अश्लील वीडियो, फोटो, कोई भी उत्तेजक दृश्य देखकर या फिर सोचने मात्र से ही वीर्यपात और वीर्य स्खलित हो जाना या स्वप्नदोष अधिक होना नपुंसकता की निशानी है।
5. पुरुष का लिंग और अंडकोष सामान्य से छोटा हो जाता है, जिससे पुरुष ठीक तरह से संसर्ग करने में असक्षम होता है।

नामर्दी व नपुंसकता का घरलू इलाज
1. वीर्य का शीघ्र स्खलन हो रहा हो तो, आधा चम्मच सफेद प्याज का रस, शहद और पिसी हुई मिसरी मिलाकर दिन में 2 बार खाएँ। एक महीने तक इसके प्रयोग से नपुंसकता का रामबाण इलाज हो सकता है।
2. जामुन की गुठली को पीस कर इसका चूरन यानी पाउडर बना लें और गरम दूध के साथ हर रोज लें। इस उपाय से शुक्राणु की संख्या बढ़ने लगती है और कामेच्छा भी जागृत होती है।

3. वीर्य दोष यानि आपको धातु क्षीणता हो तो आधा चम्मच हल्दी पाउडर एक चम्मच शहद में मिला कर सुबह खाली पेट सेवन करते रहने से संभोग शक्ति बढ़ती है।

4. मेवों के सेवन से भी कामेच्छा की समस्या का इलाज किया जा सकता है. बादाम, खजूर, किशमिश और पिसता का रोजाना सीमित मात्रा में सेवन करने से सेक्स समस्याओं से निजात मिल सकती है।

5. 2 ग्राम पिसा इलायची दाना, 1 ग्राम पिसी जावित्री, 5 भिगोकर पीसी हुई बादाम और 10 ग्राम पिसी मिसरी को मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को 2 चम्मच मक्खन के साथ सुबह खाएँ। इस उपचार से शुक्राणुओं की संख्या में वृद्धि होती है, जिससे नपुंसकता खत्म हो जाती है।

नामर्दी व नपुंसकता का आयुर्वेदिक उपचार :
1. अश्वगंधा- अश्वगंधा का चूरन, असगंधा और बिदारीकंड को 100-100 ग्राम मात्रा में बारीक पीसकर चूरन तैयार करें। रोज सुबह शाम दूध के साथ आधा चम्मच यह चूरन लेने से वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ती है और मर्दाना कमजोरी दूर होती है।

2. आंवला- मर्दाना कमजोरी के इलाज में आंवला का सेवन बहुत फायदेमंद है। 2 चम्मच आंवले के रस में 1 चम्मच आंवला चूरन और 1 चम्मच शुद्ध शहद मिलाकर सुबह शाम 2 बार खाएँ। इस उपाय से यौन शक्ति बढ़ती है।

3. जायफल- 15 ग्राम जायफल, 5 ग्राम अकरकरा, 20 ग्रामा हिंगुल भस्म और 10 ग्राम केसर मिलाकर पीस लें। अब इस मिश्रण में शहद मिलाकर घोट लें। फिर चने के दाने के बराबर गोलियाँ बना लें। रोज सोने से पहले 2 गोलियाँ दूध के साथ खाएँ। इस आयुर्वेदिक उपाय से शिशन का ढीलापन खत्म हो जाएगा और नामर्दी से छुटकारा मिलेगा।

4. त्रिफला- 1 चम्मच त्रिफला चूरन रात को सोने से पहले 5 मुन्नक्कों के साथ खाएँ और ठंडा पानी पी लें। ये चूरन पेट की बीमारियों, स्वप्न दोष, शीघ्रपतन और नपुंसकता को दूर करता है।

5. इमली- आधा किलो इमली के बीज को तोड़कर 3 तीन दिन पानी में भिगोकर रखें। फूले हुए बीजों से छिलके हटा दें और सफेद भाग को खरल में डालकर पीस लें। अब इसमें आधा किलो मिसरी मिलाकर कांच के मर्तबान में रख दें। इस मिश्रण को आधा-आधा चम्मच दिन में दो बार दूध के साथ लें। इस उपाय को करने से संभोग करने की शक्ति बढ़ेगी और शीघ्र पतन की समस्या दूर होगी।

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