Jane Napunsakta Ka Karan, Lakshan Aur Upay

Jane Napunsakta Ka Karan, Lakshan Aur Upay

जानें नपुंसकता का कारण, लक्षण और उपाय

नपुंसकता क्या है?

Napunsakta Ka Ilaj, Namardi Ka Ilaj, Treatment of Impotency, Erectile Dysfunction

पुरूषों में नपुंसकता की समस्या आम बात हो गई है। नामर्दी की स्थिति में पुरूष की कामेच्छा में कमी जाती है। जब पुरूष अपनी महिला साथी के साथ संभोग करता है, तो उसके लिंग में पूर्ण तनाव नहीं आ पाता और अगर आता भी है, तो ज्यादा देर तक नहीं ठहर पाता। तुरन्त ही बेजान सा होकर सेक्स के लायक नहीं रहता। इसे ही नामर्दी कहते हैं, क्योंकि यह मर्दों में पायी जाने वाली समस्या है, इस वजह से इसे नामर्दी भी कहते हैं।

नपुंसकता के कारण :

नामर्दी की समस्या होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमे से मुख्य कारण इस प्रकार है…
जैसे- अप्राकृतिक मैथुन से वीर्यपात होना यानी हस्तमैथुन अधिक करना, अधिक स्त्री प्रसंग करना, जननेन्द्रिय या मस्तिष्क पर चोट लगना, शरीर में चर्बी बढ़ जाना, संभोग से डर लगना, जीर्ण रोग(कमजोर करने वाले पुराने रोग), अण्डकोषों का छोटा होना, अण्डकोष के रोग, बहुमूत्र अग्निमान्ध, मधुमेह, हर्निया, लम्बी अवधि तक तारपीन, एण्टीमनी आदि का प्रयोग करना और शराब का सेवन मुख्य कारण हैं।

Jane Napunsakta Ka Karan, Lakshan Aur Upay

नपुंसकता के लक्षण :

संभोग क्षमता समाप्त जाना, अकेले में अश्लील दृश्य या तस्वीरें देखने से उत्तेजना तो आती है, लेकिन स्त्री के साथ संभोग के लिए तैयार होने पर उत्तेजना नहीं आती है, स्त्री के पास जाने से भी डर लगता है, यदि पुरूष संभोगरत होता भी है, तो कुछ कर नहीं पाता और हांफने लगता है और शरीर पर पसीना आ जाता है। इस स्थिति में रोगी लज्जित हो जाता है।

आप यह आर्टिकल namardi.in पर पढ़ रहे हैं..

नपुंसकता की समस्या में प्राकृतिक उपाय :

Jane Napunsakta Ka Karan, Lakshan Aur Upay

1. रोगी को संयमित जीवन जीने की सलाह दें। रोगी मन को सबल बनायें। उसे समझायें कि ऐसा कभी-कभी हो जाता है। यह रोग अपने आप ही जल्दी ठीक हो जायेगा। आपको केवल कुछ निर्देश का पालन करना है अर्थात् मन को सबल बनाते हुए चिकित्सा प्रारम्भ करें।

2. नपुंसक होना निस्तेज होता है, अतः इस सतेज बनाना बहुत आवश्यक है। इसके लिए जीवनी शक्ति से भरपूर आहार लेना आवश्यक है।

3. आग पर पका कर हम जो आहार लेते हैं, उसका अधिकांश भाग नष्ट हो जाता है। यदि हम गेहूं के कुछ दानें को तवे पर भूनकर मिट्टी में डालें तो वह नहीं जम पायेंगे, क्योंकि वह निस्तेज हो चुके हैं। यदि गेहूं को पानी में भिगो कर(अंकुरित करके) मिट्टी में डालें तो वह शीघ्र पौधा बन जायेगा, क्योंकि यह सतेज है अर्थात् अंकुरित अनाज इस रोग के लिए उत्तम आहार एवं औषधि है।

4. संश्लेषित विधि से तैयार ‘ई’ नामर्दी तथा पुरूषत्व शक्ति प्रदान करने के लिए लाभप्रद है। जबकि अंकुरित गेहूं केवल विटामिन ‘ई’ ही नहीं प्रदान करता, अपितु प्राकृतिक विटामिन ‘ई’ के साथ-साथ ओज एवं शारीरिक शक्ति, अन्य रोगों से लड़ने की क्षमता भी प्रदान करता है। किसी भी अनाज जैसे- गेहूं, चना, मूंग आदि को अंकुरित करने के लिए 24 घंटे तक पानी में भिगो दें। फिर 24 घंटे तक गीले कपड़े में बांध कर छाया में लटका दें। इसके बाद अंकुरित अनाज को खायें।

5. अंकुरित गेहूं 3 भाग और अंकुरित चना या अंकुरित मूंग 1 भाग वयस्क को क्रमशः 3 और 1 मुट्ठी नित्य खायें।

6. रोटी चोकरयुक्त आटे की खायें।

7. सभी प्रकार की हरी सब्जियां अनुकूल हैं।

8. सब्जियों में केवल धनिया, जीरा, हल्का नमक, हल्दी और थोड़ा घी ही डालें।

9. अंकुरित अनाजों का सेवन प्रातः नाश्ता के रूप में या दोपहर के भोजन में ही इसे लें।

10. यदि दोपहर को अंकुरित अनाजों को लेना हो तो खीरा, ककड़ी, टमाटर, गाजर, मूली, प्याज आदि कच्ची खायें। फल भी ले सकते हैं। कच्चे नारियल और खजूर भी खायें।

11. शाम को सब्जी रोटी ले सकते हैं। इसके साथ दोपहर को कच्चे फल दें। प्रारम्भ में शाम को पकी रोटी सब्जी लें, क्योंकि हमारा शरीर पका हुआ खाना खाने का आदि होता है।

12. आहार निर्देश का पालन करने के साथ-साथ सुबह-शाम टहलना, शारीरिक शक्ति के अनुसार व्यायाम करना भी शरीर के लिए अनुकूल है।

Jane Napunsakta Ka Karan, Lakshan Aur Upay

नपुंसकता की समस्या के कुछ घरेलू उपाय :  

1. ताजा आंवलों का रस 3 चम्मच, शहद 3 चम्मच को एक कप गुनगुने पानी में मिला कर नित्य पीने से नामर्दी दूर हो जाती है और वीर्य की वृद्धि होती है।

2. बेल के 12 पत्ते, बादाम 2 नग, मिश्री 250 ग्राम को आधा लीटर पानी में उबाल कर शर्बत बना लें। सुबह-शाम इतनी मात्रा एक महीने तक पीने से नामर्दी दूर हो जाती है।

3. 15-20 कोमल यानी नरम एवं ताजी भिण्डी नित्य प्रातः कच्ची खाने से बल एवं वीर्य की वृद्धि होती है।

4. असगंध, नागौरी, बिदारीकन्द, शतावरी और कौंच के बीज(दूध में उबाल कर छिलकारहित सुखाये हुए) समान मात्रा में लेकर कूट पीसकर कपड़ा छान कर लें। 1-1 चम्मच नित्य सुबह-शाम मिश्री मिले गाय के दूध के साथ लेने से आशातीत लाभ होता है। इसके प्रयोग से नामर्द भी मर्द बन जाता है।

सेक्स से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.. http://chetanonline.com/

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *