Napunsakta Se Chutkara Pane Ke Ayurvedic Upay

Napunsakta Se Chutkara Pane Ke Ayurvedic Upay

नपुंसकता से छुटकारा पाने के आयुर्वेदिक उपाय

नपुंसकता, नामर्दी
(Impotence, Erectile Dysfunction)

नपुंसकता का परिचय-

नामर्दी को ही नपुंसकता भी कहते हैं। मगर नपुंसकता होती क्या है, ये यहां पर जानना जरूरी है। यूं तो हर पुरूष जोकि युवा हों, शादीशुदा हों या फिर शादी के लायक हों, वह यह भली-भांति जानते ही होंगे कि नपुंसकता क्या बला होती है। किन्तु फिर भी इस हिंदी लेख के माध्यम से मैं उन पुरूष भाईयों को नपुंसकता से अवगत कराना चाहूंगा जो शायद नपुंसकता से अनजान हों…
नपुंसकता पुरूष की वो दयनीय अवस्था होती है, जिसमें वह स्त्री के साथ संभोग के लायक नहीं रहता है। क्योंकि नामर्दी या नपुंकसता की समस्या में पुरूष के लिंग में तनाव आता ही नहीं है, तो इस अवस्था में वह भला कैसे किसी स्त्री व शादीशुदा है तो पत्नी संग संसर्ग क्रिया कर सकता है। लिंग में पूर्ण तनाव न आने के कारण लिंग, यौन प्रवेश पाने में असफल रहता है, जोकि संभोग का मूल आधार है। इसके बिना तो संभोग व संभोग तृप्ति का वजूद ही नहीं है। ऐसे में जब पुरूष, स्त्री को सतुंष्ट करने में असफल रहता है, तो स्त्री के मन में पुरूष के प्रति घृणा घर करने लगती है। यहां तक कि वैवााहिक जीवन में भी कड़वाहट आ जाती है, रिश्ते दाव पर लग जाते हैं।

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वहीं नपुंसकता के दूसरे रूप में किसी-किसी पुरूष के लिंग में तनाव तो आता है, किन्तु शीघ्र ही शिथिल भी हो जाता है यानी कुछ क्षण के लिए लिंग में कसाव आया और जैसे ही लिंग को योनि में प्रवेश करने का प्रयास किय तो लिंग फिर से शिथिल होकर रह जाता है। कुल मिलाकर नपुंसक पुरूष सेक्स संतुष्टी देने के योग्य नहीं होता है और यही नपुंसकता की निशानी है।

नपुंसकता की मानसिक चिकित्सा-

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नपुंसकता की समस्या से उबरने के लिए सबसे जरूरी है कि पुरूषों को चाहिए कि वह अपनी मानसिकता को दृढ़ बनायें। अपने मन से यह बात पूरी तरह निकाल दें कि वे किसी स्त्री के लायक नहीं रहे। अपने अंदर यह विश्वास जगाने का प्रयत्न करें कि आपको कोई रोग या सेक्स समस्या नहीं है। क्योंकि सकारात्मकता ही आपके अंदर एक नई ऊर्जा व जोश का संचार करेगी, जोकि आपके सेक्स क्षमता को दुरूस्त करने में मदद कर सकती है। खुद ही अपनी कमियों व बुरी आदतों को जानने का प्रयास करें, उनसे निजात पाने का प्रयास करें और सबसे बड़ी बात अपनी दिनचर्या को सही बनायें। समय पर सोयें, समय पर जागें, समय पर खायें-पीयें, समय पर टहले व व्यायाम करें। बुरी संगत व बुरी आदतों से दूरी बनाये रखें।
अपनी मानसिकता को मजबूत और खुद के प्रति विश्वास की नींव पक्की हो जाने पर यह निम्नलिखिल उपाय करें..

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नपुंसक को पुंसक बनाने वाले देसी योग-

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1. सफेद प्याज का रस 8 मि.ली., अदरक का रस 6 मि.ली., घी एवं मधु 3 ग्राम। इन चारों को मिलाकर दो मास तक नित्य प्रयोग करते रहने से नपुंसक व्यक्ति भी पुंसक बन जाता है।

2. काले तिल 12 ग्राम एवं गोखरू 12 ग्राम। इन दोनों को कूट-पीसकर कपड़े से छानकर एक सेर दूध में औटायें। जब दूध का मावा-सा बन जाये तब खा लें।
इसे 21 दिन तक प्रतिदिन सेवन करने तथा लिंग पर असली चमेली का तेल या कोई शक्तिवर्धक तिला लगाने से नपुंसक भी पुंसक बन जाता है।

3. गुड़ 6 ग्राम, पीपल 6 ग्राम, गिलोय का सत 1 ग्राम, इलायची एक तिहाई ग्राम, अभ्रक भस्म 1/12 ग्राम, हरताल भस्म 1/12 ग्राम। इन सबको एक तोला शहद में मिलाकर खाने से 3-4 मास में नपुंसक भी पुंसक बन जाता है।

4. अजवाइन 250 ग्राम, ताजा सूखे केंचुये 125 ग्राम। इन दोनों को कूट-पीसकर 500 ग्राम गुड़ में मिलाकर 10-10 ग्राम की गोलियां बना लें। इन गोलियों को 21 दिन तक खाने से कामशक्ति खूब बढ़ती है। नपुंसक भी पुंसक हो जाता है।

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5. 750 मि.ली. दूध में 12 ग्राम काले तिल एवं 12 ग्राम गोखरू डालकर इतना औटायें कि दूध 500 मि.ली. शेष रह जाये। तत्पश्चात् इसमें मीठा मिलाकर पी लें। इस योग का 40 दिन प्रयोग करने से गजब की पौरूष शक्ति का संचार होता है।

6. ब्रह्मदण्डी की जड़ और मिश्री को बराबर लेकर चूर्ण बना लें। फिर उसका 10वाँ भाग काली मिर्च मिला लें। इसकी मात्रा तीन माशा है। फांक कर ऊपर से बकरी का दूध पीयें। पन्द्रह दिन सेवन करने से पुरूषत्व बढ़ेगा, कमज़ोरी मिट जायेगी। नपुंसक को भी पुंसक बनाने वाला योग सिद्ध होता है।

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7. बूटी हजारदानी, नकछिकनी समान मात्रा में कूट-छानकर चूर्ण बनायें। 4-4 ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम उबाल कर ठंडा किये हुए गाय के दूध के साथ सेवन करने से कैसा ही नपुंसक हो, पन्द्रह दिन में पुंसक बन जाता है तथा उत्तेजना एवं जोश उत्पन्न होता है।

8. ताजे सूखे केंचुए 100 ग्राम एवं अजवायन 200 ग्राम लेकर कूट-पीसकर कपड़छान कर लें। इसमें गुड़ 500 ग्राम मिलाकर 10-10 ग्राम की गोलियां बना लें। प्रतिदिन एक-एक गोली 21 दिन तक सुबह-शाम खाने से और ऊपर से गर्म दूध पीने से कामदेव जागृत होता है तथा नामर्द भी मर्द बन जाता है।

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