Napunsakta Ko Hamesha Ke Liye Kaise Khatam Kare

Napunsakta Ko Hamesha Ke Liye Kaise Khatam Kare

नामर्दी, नपुंसकता(Impotency)

नपुंसकता क्या होती है?

नपुंसकता पुरूष की उस अवस्था को कहते हैं कि जिसमें वह किसी भी स्त्री के साथ संभोग के लायक नहीं रहता। नामर्दी या नपुंसकता में दो प्रकार के लक्षण होते हैं। एक तो जिसमें पुरूष के लिंग में उत्तेजना आती ही नहीं है। महिला पार्टनर कितने भी उत्तेजक प्रयासों से लिंग में उत्तेजना(तनाव) लाने का प्रयास करे, किन्तु पुरूष के लिंग में कोई तनाव नहीं आ पाता।
और दूसरे लक्षण में पुरूष के लिंग में तनाव व उत्तेजना आती तो है, किन्तु क्षणिक मात्र। यानी हल्की सी उत्तेजना आई, मगर जब तक योनि में लिंग को प्रविष्ट कराने का प्रत्यन करें, तो लिंग फिर वही टाँय-टाँय-फिस्स! जिस कारण उस पुरूष की महिला साथी भी असंतुष्ट रह जाती है और पुरूष को शर्मिन्दा होना पड़ता है।

इस हिंदी लेख में नामर्दी दूर करने के लिए बहुत गुणकारी और असरकारी देसी आयर्वेदिक नुस्खे बताये जा रहे हैं, ध्यान से पढें…

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देसी आयुर्वेदिक उपाय-

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रोगी द्वारा स्वयं के लिए नामर्दी की बात कहते ही वीर्यवर्धक औषधि तुरन्त न दें। पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आखिर इसकी मुख्य जड़ यानी कारण क्या है?
(क.) वीर्य की कमी, (ख.) शारीरिक दुर्बलता, (ग.) मानसिक इच्छाशक्ति की कमी या असफल संभोग का भय, (घ.) चिन्ता, शोक, सदमा या किसी अन्य प्रकार का गहरा दुःख।
उपरोक्त कारणों को सुनिश्चित करने के उपरान्त ही खूब सोच-समझ कर और चिकित्सा शास्त्रों के निर्देशानुसार चिकित्सा प्रारम्भ करें। अर्थात् वीर्य हानि वालों को वीर्यवर्धक औषधि दें। मानसिक इच्छाशक्ति की कमी वालों को उत्साहवर्धक विचारों से प्रेरित करें, शारीरिक दुर्बलता से ग्रस्त रोगी को शक्तिवर्धक और रक्तवर्धक औषधि दें और जो चिन्ता, शोक, सदमा के शिकार हों, उन्हें परिस्थिति के अनुसार सांत्वना, आध्यात्मिक दृष्टान्त आदि से मानसिक स्थिति को सामान्य बनायें। इस प्रकार की परिस्थितिजन्य उपचार के साथ ही वीर्यवर्धक या नपुंसकतानाशक औषधियाँ दें।

नपुंसकतानाशक योग-

1. नामर्दी या नपुंसकता से पीड़ित व्यक्ति को लाल मिर्च, खटाई, नमकीन, खारे और गर्म पदार्थ आदि से परहेज़ करवायें।

2. कच्ची-पक्की बंग भस्म, सीसा भस्म, लौह भस्म एवं भांग, चरस, अफीम एवं इनके मिश्रित योगों को मत दें। ये क्षणिक उत्तेजना दे भी तो आगे अति अनिष्टकारक सिद्ध होगा।

3. बिदारीकन्द में बिदारीकन्द के स्वरस की भावना देकर गाय के दूध में मिश्री 3 ग्राम मिलाकर प्रतिदिन दो बार दें।

4. आमलों में आमलों के स्वरस की सात भावना देकर और सुखाकर शहद के साथ या बराबर घी के साथ प्रतिदिन दें। नुपंसकता दूर होगी।

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5. बिदारीकन्द और गोखरू का चूर्ण समभाग मिश्रित योग तैयार कर लें। 10 ग्राम प्रतिमात्रा प्रतिदिन दो बार मिश्री मिले योग के साथ दें अथवा बिदारीकन्द, गोखरू और मिश्री का समभाग चूर्ण बना लें। 10-10 ग्राम सुबह-शाम धारोष्ण दूध के साथ दें।

6. वीर्य के अभाव में नपुंसकता में दूध, घी, उड़द की दाल के लड्डू, आम्रपाक, असगन्धपाक, मिश्री मिला गाय का दूध, बादाम का हलुआ गोखरूपाक आदि विशेष रूप से सेवनीय है।

7. वृक्कों(गुर्दों) को स्वस्थ रखें, क्योंकि जब तक वृक्क बलवान नहीं होते, कामेच्छा भी नहीं होती है। वृक्क जितने बलवान होंगे, चेतना उतनी ही अधिक होगी।

8. असगन्ध और बिधारे का समभाग मिश्रित योग बना लें। 5-5 ग्राम मिश्री मिले गाय के दूध के साथ 3-4 मास तक सेवन करें। लाल मिर्च, नमक, खटाई से परहेज़ रखें। यह योग वृद्धों में भी गजब को जोश भर कर उन्हें जवान बना देता है। यदि वृद्धावस्था से कुछ पहले इसका सेवन प्रारम्भ कर दें, तो बाल भी सफेद नहीं होते हैं।

9. कबाबचीनी का चूर्ण 1 से 2 ग्राम प्रत्येक दो घण्टे बाद प्रतिदिन 6 मात्रायें 1 गिलास शीतल जल के साथ लगातार 8 दिन तक दें। बाद में प्रतिदिन 1-1 मात्रा शहद के साथ रात को सोने से पहले 14-21 दिन तक चाटें। नामर्दी नष्ट होगी और शीघ्रपतन में भी लाभ होगा।

10. अकरकरा 3 ग्राम, काली तुलसी के बीज 24 ग्राम, मिश्री 27 ग्राम। इन तीनों को कूट व छान लें और मैथुन से दो घण्टे पहले फाँककर दूध पी लें। यदि वीर्य एकदम पतला और गर्म न हो, तो तब तक स्खलित नहीं होंगे, जब तक नींबू का रस नहीं पियेंगे। याद रहे इसमें अफीम नहीं है, लेकिन प्रभाव अफीमयुक्त औषधियों से बढ़कर है।

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11. इमली के बीज(गुठली) 4 दिन तक पानी में भिगो दें। फिर छिलका उतार दें। गुठली के वजन से दोगुना पुराना गुड़ अच्छी प्रकार मिलाकर पीसकर चने के बराबर गोलियाँ बना लें। संभोग से दो घण्टे पहले दो गोली खा लें। यदि वीर्य स्खलित नहीं हो रहा हो, तो नींबू का रस पी लें।

12. असगन्ध नागौरी और विधारा का समभाग चूर्ण मिलाकर देशी घी से चिकना कर लें। प्रतिदिन 10 ग्राम चूर्ण मिश्री मिलाकर गाय के दूध के साथ सेवन करने से चमत्कारिक लाभ होता है। नियमित सेवन से सफेद बाल काले हो जाते हैं। प्रत्येक वर्ष इसको 4 मास तक सेवन करने से एक वृद्ध भी जवान हो जाता है।

13. असगन्ध के चूर्ण में घी, शहद और मिश्री मिलाकर प्रतिदिन सुबह 50 ग्राम सेवन करने से एक वृद्ध भी जवान हो जाता है। कम से कम 3-4 माह प्रतिदिन सेवन करें।

14. भुनी हुई हींग डेढ़ ग्राम और पाँच अण्डों की जर्दी मिलाकर खाने से संभोग की इच्छा प्रबल हो जाती है।

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