Napunsakta Dur Karne Ke Desi Ayurvedic Upay

Napunsakta Dur Karne Ke Desi Ayurvedic Upay

नपुंसकता दूर करने के देसी आयुर्वेदिक उपाय

नामर्दी, नपुंसकता(Impotency)-

इस रोग में पुरूष अपनी पत्नी या वश्यमान स्त्री को पूर्ण अथवा आंशिक रूप से यौन सुख प्रदान करने में असमर्थ हो जाता है। उसके लिंग में पूर्ण उत्थान नहीं आता है अथवा उत्थान आता ही नहीं है। लिंग शिथिल हो जाता है। वीर्य अतिशीघ्र निकल जाता है। वह चाहकर भी अपनी स्त्री को यौन सुख नहीं दे पाता है। पुरूष की हम-बिस्तर स्त्री या पार्टनर भी अपनी ओर से कितना ही प्रयास कर ले, किन्तु पुरूष के लिंग में पूर्णतः जोश लाने में वह असफल रहती है, जिस कारण पुरूष को शर्मिन्दगी का बोझ उठाना पड़ता है और संभोग का सारा आनंद किरकिरा हो जाता है। इसके साथ ही वैवाहिक जीवन में भी खट्टास आ जाती है।

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नपुंसकता दूर करने की घरेलू चिकित्सा-

1. सफेद प्याज का रस 4 चम्मच, अदरक का रस 3 चम्मच, शुद्ध शहद 2 चम्मच, गाय का घी 1 चम्मच। चारों को मिला लें। 2-2 चम्मच 1-2 बार प्रतिदिन 3 सप्ताह तक दें।

2. असगन्ध चूर्ण 1-1 चम्मच सुबह-शाम विषम भाग मधु-घृत मिलाकर चाटें। ऊपर से सुखोष्ण मीठा दूध पी लें।

3. गोखरू और काले तिल बराबर-बराबर खूब महीन कर लें। 5-5 ग्राम सुबह-शाम दूध 250 मि.ली. में मिलाकर रोगी को खौलायें। जब पानी जल जाये और दूध शेष बच जाये तो उतार लें। सुखोष्ण होने पर मिश्री मिलाकर पीयें।

4. असगन्ध, कौंच के बीज, तालमखाना और सफेद मूसली बराबर-बराबर महीन कर लें। 5-5 ग्राम सुबह-शाम मिश्री मिले दूध के साथ दें।

5. दूध में शुद्ध किये हुए छिलका रहित कौंच के बीज 10 ग्राम, सफेद मूसली 20 ग्राम, मखाने की ठुड्डी(छिलका रहित) 40 ग्राम तथा मिश्री 50 ग्राम महीन कर लें। 1-1 चम्मच सुबह-शाम सुखोष्ण दूध के साथ लगातार कुछ माह तक लें।

Napunsakta Dur Karne Ke Desi Ayurvedic Upay

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6. सूखे आँवलों के चूर्ण में ताजे आँवलों के रस की 21 भावना देकर कूटकर सुखा लें। इसमें समभाग असगन्ध चूर्ण भी मिला लें। इसे 5-5 ग्राम सुबह-शाम मीठे दूध के साथ लगातार कुछ मास तक लें। यह मेरा स्वानुभूत आमलकी अश्वगंधा योगम् है।

7. शतावर, असगन्ध नागौरी और बिदारीकन्द बराबर-बराबर लेकर बारीक कर लें। 5-10 ग्राम सुबह-शाम सुखोष्ण मीठे दूध के साथ लें।

8. प्रातः नाश्ते में गाजर का हलवा प्रतिदिन खाकर दूध पीयें।

9. प्रातः नाश्ते में सिंघाड़े का हलवा प्रतिदिन खाकर दूध पीयें।

10. मुलेठी 50 ग्राम, अश्वगंधा 100 ग्राम, शतावरी 200 ग्राम तथा मिश्री 350 ग्राम चूर्ण तैयार कर लें। 1-1 बड़ा चम्मच सुबह-शाम दूध के साथ लें। मर्दाना ताकत को बढ़ाने का उपयोगी नुस्खा है।

11. छुहारे 4 नग उनको चीरकर गुठली निकाल लें। 100 मि.ग्रा. असली केसर रखकर आधा किलो दूध में 5-7 उबाल तक खौलायें। रातभर पड़ा रहने दें। सुबह छुहारे निकाल कर खूब चबा कर खायें तथा ऊपर से दूध पी लें।

12. उड़द की धुली दाल 25 ग्राम को 5 ग्राम घी में लाल होने तक भूनें। फिर उसमें दूध 500 मि.ली. तथा चीनी 25 ग्राम मिलाकर खीर तैयार करें। इसे प्रातः नाश्ते में खायें।

13. आंवला भी जवानी की ताकत के लिए बहुत उपयोगी होता है। आंवले के 2 चम्मच रस में, सूखे आंवले का चूर्ण एक चम्मच मिलायें और शुद्ध शहद के साथ मिलाकर दिन में दो बार खायें। शहद एक चम्मच लेना है। यह नुस्खा नामर्दी को दूर करके धीरे-धीरे सेक्स पाॅवर में वृद्धि करता है। इसके अलावा रोजाना रात को गिलास में जरा-सा सूखा आंवले का चूर्ण लें और उसमें पानी भर दें। सुबह इस रखे पानी में हल्दी मिलाकर अच्छे से छान लें और पी जायें।

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14. 5-6 बेरों की गुठली तोड़कर उसकी मिंगी निकालें और 20 ग्राम पुराने गुड़ के साथ सिल पर कूटें। जब मिंगी गुड़ में खूब मिल जाये तो थोड़ा-थोड़ा काटकर खायें। इक्कीस दिन केवल सुबह के समय सेवन करने पर वीर्य पुष्ट होता है और मर्दाना ताकत प्राप्त होती है।

15. 200 ग्राम गोरखमुण्डी के फूलों को सुखाकर उनका चूर्ण तैयार कर लें और उनमें समभाग मिश्री का चूर्ण मिलाकर रख लें। प्रतिदिन सुबह 5 ग्राम की मात्रा में ताजा पानी के साथ सेवन करने से वीर्य गाढ़ा होकर सेक्स क्षमता में इजाफा होता है।

16. 8-10 बादाम की गिरी(सूखी) लेकर उन्हें चाकू से काटकर(एक गिरी के 40-45) टुकड़े कर लें तथा 20-25 ग्राम भुने हुए चने लेकर इनके छिलके उतार कर एक साथ मिला लें। उन्हें खूब चबाकर खाना भी पौष्टिक नाश्ते का कार्य करता है।

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