Namardi Ke Karan Lakshan Parhej Aur Desi Ilaj

Namardi Ke Karan Lakshan Parhej Aur Desi Ilaj

नामर्दी के कारण, लक्षण, परहेज और देसी इलाज

नपुंसकता(Impotency)-

परिचय- संभोग करने की क्षमता नहीं होना नपुंसकता कहलाती है। इसमें लिंगोत्थान का अभाव होता है।

मुख्य कारण-

1. हस्तमैथुन या अप्राकृतिक मैथुन करना।

2. जननेन्द्रिय में चोट लगना।

3. शरीर में चर्बी का अधिक बढ़ना।

4. अण्डकोष संबंधी रोग होना।

5. बहुमूत्र।

6. अग्निमांघ।

7. हर्निया।

8. अत्यधिक मद्यपान करना, आदि कारणों से नपुंसकता हो जाती है।

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मुख्य लक्षण-

Namardi Ke Karan Lakshan Parhej Aur Desi Ilaj

1. मैथुन करने की क्षमता कम या नष्ट हो जाती है।

2. संभोग की इच्छा होती है, लेकिन संभोग नहीं कर पाता है।

3. पत्नी द्वारा इच्छा प्रकट करने पर भी बहाना बनाकर संभोग से कतराता है।

4. यदि संभोग करना प्रारम्भ भी कर देे तो सांस फूलने लगता है। पसीना आ जाता है, लेकिन लिंग उत्थिन नहीं होता।

5. पत्नी के सामने हमेशा लज्जित होना पड़ता है।

6. बराबर चिंतित, खिन्न एवं उदास रहता है जैसे समय से पहले बुढ़ापा आ गया हो।

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7. पाचन संस्थान की कार्यक्षमता भी संतोषप्रद नहीं होती है।

सहायक चिकित्सा(रोगी आहार में निम्न चीजे लें)- दूध या दूध की बनी वस्तुयें, घी, मक्खन, पनीर, दही, मछली, भुना माँस, अण्डे, चपाती, पुलाव, ज़र्दा, चाय, सेब, अंगूर, नाशपाती, संतरा, मौसमी, मुनक्का, किशमिश, बादाम, अखरोट, दूध में उबाली खजूर एवं छुआरा, धारोष्ण मिश्री मिला गोदुग्ध आदि।

नपुंसकता में परहेज-

1. खट्टे पदार्थ आम, इमली से तैयार कुछ भी न दें।

2. ठण्डी चीजें, तम्बाकू आदि नशा और मद्यपान वर्जित।

3. जिन खाद्य या पेय से गैस बनने की संभावना हो, उसे आहार में मत दें। गरिष्ठ आहार भी अनुकूल नहीं है।

4. बैंगन, तन्दूर की रोटी, लाल मिर्च, तेल, गुड़ और गुड़ की बनी चीजें भी न खायें।

5. वनस्पति घी से बनी वस्तुयें और मिठाईयाँ न खायें।

नोट: यदि नपुंसकता का कारण मानसिक वहम हो और प्रशिक्षित लड़की या उसकी पत्नी संभोग से समय ऐसा प्रदर्शन करे कि वह उस पुरूष के संभोग से संतुष्ट है और संभोग करने की कला(या क्षमता) की प्रशंसा करे तो धीरे-धीरे रोगी अपनी खोयी हुई सेक्स क्षमता प्राप्त कर लेता है। मन के विकार दूर हो जाते हैं और रोगी स्वस्थ हो जाता है।

नपुंसकता दूर करे के लिए देसी उपाय-

1. सालबमिश्री और मस्तगी रूमी समभाग चूर्ण बना लें। 1-1 चम्मच प्रतिदिन 2 बार भोजन के बाद गर्म दूध के साथ लें। गजब की सेक्स पाॅवर बढ़ेगी।

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2. बिनौले की खीर रोजाना खाने से मर्दाना शक्ति उत्पन्न होती है और वजन बढ़ जाता है।

3. कौंच के बीज तथा असगंध समभाग मिलाकर चूर्ण बना लें। 2-3 ग्राम दूध के साथ दें।

4. बरगद का दूध 5 से 15 बूंद प्रतिदिन बताशे या खांड में मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।

5. शोधित कुचला 600 मि.ग्रा. तक कैप्सूल मेें भरकर प्रतिदिन सेवन करें। घी, दूध अधिक मात्रा में लें।

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6. तालमखाना और कौंच के बीज समभाग चूर्ण तैयार कर लें। 6-6 ग्राम मिश्री वाले दूध के साथ प्रतिदिन 2 बार दें। आशातीत लाभ होता है।

7. छोटे गोखरू को पीसकर घी और खाँड मिलाकर खाने से वीर्य पैदा होता है। इससे वीर्य गाढ़ा होता है और अस्वभाविक क्षरण बंद हो जाता है।

8. असगन्ध नागौरी की जड़ का चूर्ण 2-3 ग्राम घी और खाँड मिलाकर सुबह-शाम फंकी मारकर शुष्क दूध 1-2 मास नियमित पीने से वीर्य विकार दूर हो जाते हैं और शरीर हृष्ट-पुष्ट हो जाता है।

9. बरगद(वट वृक्ष) की नयी कोंपले पीसकर दूध में उबाल कर प्रतिदिन पीने से नपुंसकता दूर हो जाती है।

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