Jane Aur Samjhen Namardi Ke Karan Aur Lakshan जानें और समझें नामर्दी के कारण और लक्षण

Jane Aur Samjhen Namardi Ke Karan Aur Lakshan जानें और समझें नामर्दी के कारण और लक्षण

नामर्दी के कारण और लक्षण-

पुरुषों में बांझपन या नपुंसकता की पहचान कर पाना बहुत कठिन काम होता है। वैसे सामान्य तौर पर मर्दाना कमजोरी का कारण बाॅडी में मौजूद हार्मोंस में गड़बड़ी या इनकी कमी के कारण होती है।

हार्मोंस में होने वाले परिवर्तन के कारण भी पुरुषों में यह परेशानी हो सकती है। कई बार हृष्ट-पुष्ट पुरूष भी किसी दुर्घटना के कारण नामर्दी का शिकार हो सकता है, इसलिए नामर्दी यानी नपुंसकता के लक्षणों व पहचान को जानना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन फिर भी कुछ आम बातों को जानकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पुरूष नामर्द है या नहीं।

Jane Aur Samjhen Namardi Ke Karan Aur Lakshan

चलिए जानते हैं पुरूषों में नपुंसकता की पहचान को..

ऐसे पुरुष जो सेक्स करते समय सही प्रकार से यौन क्रियाएं नहीं कर पाते, उन्हें सहजता का अनुभव नहीं होता या फिर बहुत जल्दी स्खलित जाते हैं, नपुंसकता से पीड़ित हो सकते हैं।

मर्दाना कमजारी व नपुंसकता का सीधे तौर पर ज्ञानेन्द्रियों से संबंध होता है। ऐसे में पुरुष लोग अक्सर इस विषय में जागरूक नहीं हो पाते, तो कई बार शर्म और झिझक के कारण डॉक्टर से इस बारे में परामर्श नहीं ले पाते। जिससे ये रोग बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है। नामर्द पुरूष की महिला पार्टनर कभी भी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं हो पाती।

कुछ लोग नामर्द नहीं भी होते, लेकिन तनाव और मन में डर या किसी मानसिक बीमारी आदि के कारण वे उत्तेजित नहीं हो पाते। फिर भविष्य में यही संकोच और घबराहट ऐसे पुरुषों को नामर्द बना देता है और शर्म व घबराहट के कारण वह अपनी महिला साथी से दूरियां बनाने लगता है।

पुरूषों में बांझपन के लक्षण :

जो पुरुष सेक्स के समय सही प्रकार से यौन क्रियाएं नहीं कर पाता या फिर बहुत जल्दी स्खलित हो जाता है, तो उसमें कमी होती है। यह नामर्दी की पहचान भी है।

नामर्दी के शिकार पुरूष के लिंग में तनाव या कसाव आता ही नहीं और अगर आ भी जाये तो बहुत जल्दी शिथिल पड़ जाता है। सेक्स के समय एकदम से लिंग में कठोरता का कम होना।

दरअसल पौरूषहीनता का संबंध सीधेतौर पर ज्ञानेन्द्रियों से होता है। कुछ लोग तो शर्म, झिझक या जागरुकता के अभाव में इस विषय में सही जानकारी नहीं ले पाते हैं।

हालांकि नपुंसकता ज्यादा उम्र के पुरूषों में अधिक देखने को मिलती है, जिससे पुरुष, महिलाओं के पास जाने से भी कतराने लगते हैं। उम्र बढ़ने के साथ ही सेक्स की अच्छा में भी अरूचि पैदा होने लगती है। जो पुरुष यौन इच्छा में रूचि नहीं रखते और जिनमें उत्तेजना नहीं होती, वे पूरी तरह से नपुंसकता के शिकार होते हैं। जबकि जो पुरुष एक बार तो उत्तेजित होते हैं, लेकिन घबराहट या किसी अन्य कारण से अक्सर जल्दी शांत हो जाते हैं, उन्हें आंशिक नपुंसक कहा जाता है।

सेक्स करने के समय या करने से पहले घबराहट होना। क्योंकि ऐसे लोगों में विश्वास की कमी होती है और उनके अंदर डर-सा बना रहता है।

सेक्स के समस जल्दी स्खलित हो जाना।

सेक्स के समय के अचानक लिंग में कठोरता का कम होना।

पौरूषहीनता की वजह से पुरुष का लिंग सामान्य से छोटा हो जाता है, जिससे पुरुष ठीक तरह से संसर्ग करने में असफल होता है।

नपुंसक व्यक्तियों में आत्मभविश्वास की कमी होती है। अक्सर ऐसे लोग भीड़ से घबराते हैं और लड़कियों व स्त्रियों से बात करने में परेशानी होती है।

नपुंसक व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे सही तरह से सेक्स ना करने के कारण पौरूषहीनता का शिकार व्यक्ति बीमार रहने लगता है।

बांझपन के कारण व्यक्ति के प्रजनन अंग कमजोर हो जाते हैं।

आज की भागदौड़ भरी लाइफ ने लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर बना दिया है, फास्ट फूड का ज्यादा प्रयोग और खान-पान में पोषक तत्वों की कमी इसकी मुख्य वजह है।

छुटकारा मिल सकता है नामर्दी से –

पुरुषों की तंत्रिका तंत्र से संबंधित रोग समस्याएं भी पौरूषहीनता का कारण बन सकती हैं। अगर इन समस्याओं से नजात पा ली जाए, तो पक्के तौर पर पौरूषहीनता की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। अगर पुरुष को लगता है कि उसके अंग में कठोरपन नहीं आ रहा है तो उसे चिकित्सक से परामर्श लेना नहीं भूलना चाहिए, क्योंकि पौरूषहीनता के 75 प्रतिशत मामलों में नामर्दी से छुटकारा पाया जा सकता है। पुरुष की नामर्दी को दूर करने में महिला पार्टनर भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उसे कोशिश करनी चाहिए कि अपने पुरूष साथी साथ धैर्य और प्यार से पेश आए और उस में मानसिक तनाव और निराशा की भावना को न पैदा होने दें।

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यदि पति की दिनचर्या डांवाडोल है तो उसे भी सुधारने की कोशिश करनी चाहिए। पति के अच्छे खानपान व नियंत्रित लाइफस्टाइल को बढ़ावा देना चाहिए। इन उपायों को अपनी जिदंगी की कार्यशैली में शामिल करके कुछ हद तक नामर्दी की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। नपुंसकता से छुटकारा दिलाने वाली कई दवाएं भी बाजार में उपलब्ध हैं, जिन का सेवन करने से अंग में उचित कठोरपन आ जाता है, लेकिन इन दवाओं का इस्तेमाल बिना डाक्टर के परामर्श के नहीं करना चाहिए। ऐसा करना आपके लिए जानलेवा भी सिद्ध हो सकता है।

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नार्मदी दूर करने में वैक्यूम पम्प कारगर साबित हुआ है। रक्त कोशिका संबंधित समस्या या रक्त विकार से पीडि़त पुरुषों के लिए यह उपयोगी साबित हुआ है। यह एक तरह का वैक्यूम पम्प होता है, जिसको पुरुष अपने लिंग में डाल कर पम्प करता है। इससे उसके अंग में कठोरता आ जाती है और वह संभोग के लिए तैयार हो जाता है। इस पम्प का इस्तेमाल बिना डाॅक्टरी सलाह के नहीं करना चाहिए। संभोग से पहले फोरप्ले व आफ्टर प्ले भी कारगर उपाय हैं, इससे ताकत और उत्साह में वृद्धि होती है, जिससे अंग में रक्त संचार बढ़ने से कठोरता आ सकती है।

अगर कोई पुरूष स्थायी रूप से पौरूषहीनता का शिकार है, तो ऐसे पुरूषों को चाहिए कि वे शादी-विवाह जैसे पचडे़ से दूर ही रहें। क्योंकि न तो यह शादी सफल हो सकती है और न ही उसकी शादीशुदा जिंदगी। अगर माता-पिता की ओर से अरेंज मैरिज का दबाव बनाया जाए, तो पौरूषहीनता के शिकार युवक को खुलकर अपनी परेशानी उन्हें स्पष्ट रूप से बतानी चाहिए, ताकि सोच-समझ कर फैसला लिया जा सके और शादी के बाद होने वाली परेशानियों और जिल्लत दोनों से बच सकें।

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